
कानपुर में थाने में बंद एक चोर ने पुलिस को चकमा दे दिया
कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में कानून व्यवस्था और पुलिस हिरासत की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. गुरुवार को गुजैनी थाने में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब सनसनीखेज आभूषण चोरी मामले का एक मुख्य आरोपी पुलिस को चकमा देकर थाने की दीवार फांदकर भाग निकला. बाथरूम में ले जाते समय आरोपी ने तैनात होम गार्ड को धक्का दे दिया और कुछ ही सेकेंड में पुलिस की नजरों से ओझल हो गया. सुरक्षा में हुई इस चूक के बाद डीसीपी साउथ ने सख्त रुख अपनाते हुए महिला कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया है और कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.
बाथरूम जाने के बहाने चकमा दे गया
मिली जानकारी के मुताबिक घटना गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे की है. गुजैनी थाने में बंद आरोपी कल्लू उर्फ विशाल ने सुरक्षा में तैनात गार्ड होमगार्ड राजकुमार से बाथरूम जाने की इच्छा जताई. जैसे ही होमगार्ड उसे हवालात से बाहर बाथरूम की ओर ले जा रहा था तभी शातिर कल्लू ने मौका पाकर होमगार्ड को जोर से धक्का दे दिया। जब तक होम गार्ड संभल पाता आरोपी तेजी से थाने के मुख्य परिसर से बाहर भाग गया। दिनदहाड़े हुई इस घटना से पुलिसकर्मी सकते में आ गए और तुरंत पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई, लेकिन आरोपियों का कोई पता नहीं चला.
36 मिनट में 3 किलो चांदी लूटने का आरोप
फरार अभियुक्त कल्लू उर्फ विशाल एक शातिर अपराधी है। उस पर 14 दिसंबर को जरौली फेस-2 स्थित ‘बालाजी ज्वैलर्स’ में हुई बड़ी चोरी का आरोप है. सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, तीन नकाबपोश चोरों ने दुकान का शटर काटा और महज 36 मिनट में 3 किलो चांदी के आभूषण उड़ा लिए। पुलिस इस मामले में विशाल गुप्ता, करन और अजय को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. कल्लू काफी दिनों से फरार था और काफी मशक्कत के बाद गुरुवार को पकड़ा गया. पूछताछ के बाद उसे जेल भेजने की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही थी, लेकिन उससे पहले ही वह भागने में सफल हो गया.
कार्रवाई में डीसीपी: निलंबन और एफआईआर
इस बड़ी लापरवाही पर डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने तुरंत सख्त कार्रवाई की है. थाना प्रभारी की शिकायत पर फरार आरोपी कल्लू के साथ ही ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड राजकुमार और महिला कांस्टेबल छवि के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.
आपको बता दें कि महिला सिपाही छवि को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के साथ ही विभागीय जांच की भी बात सामने आ रही है, ऐसे में लापरवाही के दायरे में आए डे ऑफिसर इंस्पेक्टर सुभाष यादव की भूमिका की जांच एसीपी नौबस्ता चित्रांशु गौतम को सौंपी गई है। साथ ही होम गार्ड राजकुमार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए कमांडेंट को रिपोर्ट भेज दी गई है.
सुरक्षा प्रोटोकॉल पर उठ रहे सवाल
कानपुर के पुलिस स्टेशनों में सुरक्षा व्यवस्था की यह स्थिति चिंताजनक है. इतने गंभीर मामले के आरोपी को अकेले होम गार्ड की देखरेख में छोड़ना और सुरक्षा घेरा इतना कमजोर होना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है. पुलिस की इस चूक को लेकर स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी और चर्चा है. फिलहाल पुलिस की पांच टीमें अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर रही हैं. पुलिस का दावा है कि जल्द ही कल्लू को दोबारा सलाखों के पीछे भेजा जाएगा. (रिपोर्ट: अनुराग श्रीवास्तव)
