
चंद्रमा का गोचर किन राशियों के लिए रहेगा घातक?
चंद्र पारगमन 2026: नए साल के पहले महीने के शुरुआती सप्ताह में चंद्र देव अपनी राशि बदलने जा रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन, भावनाओं और निर्णय लेने की क्षमता का मुख्य कारक माना जाता है। जब भी चंद्रमा अपनी राशि बदलता है तो इसका असर व्यक्ति के मानसिक संतुलन, कार्यप्रणाली और आर्थिक स्थिति पर साफ नजर आता है। नए साल 2026 की शुरुआत में चंद्रमा का गोचर कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। विशेषकर करियर, स्वास्थ्य और विरोधियों से जुड़े मामलों में सतर्क रहने की जरूरत होगी। आइए जानते हैं चंद्रमा के राशि परिवर्तन से किन राशियों को जीवन में अशुभ परिणाम मिल सकते हैं।
जानें चंद्रमा कब और कहां करेगा गोचर
4 जनवरी 2026 को चंद्रमा मिथुन राशि से निकलकर अपनी ही राशि कर्क में गोचर करेगा। यह गोचर सुबह 9 बजकर 44 मिनट पर होगा. कर्क राशि में चंद्रमा को मजबूत माना जाता है, लेकिन कुछ राशियों के लिए चंद्रमा का गृह परिवर्तन नकारात्मक परिणाम दे सकता है। इस अवधि में मानसिक तनाव और निर्णयों में उलझन हो सकती है।
सिंह: करियर में दिक्कतें आ सकती हैं
सिंह राशि के जातकों के लिए चंद्रमा का यह गोचर बारहवें भाव में होगा। यह भाव खर्च, हानि और मानसिक चिंताओं से जुड़ा हुआ माना जाता है। इस दौरान नौकरीपेशा जातकों को कार्यस्थल पर दबाव महसूस हो सकता है। अनावश्यक खर्चे बढ़ सकते हैं और करियर और आर्थिक मामलों से जुड़े फैसले सोच-समझकर लेने होंगे।
धनु: मानसिक और स्वास्थ्य संबंधी तनाव बढ़ेगा
धनु राशि वालों के लिए चंद्रमा आठवें भाव में गोचर करेगा। यह भाव अचानक आने वाली समस्याओं और स्वास्थ्य से संबंधित होता है। इस समय मानसिक चिंताएं बढ़ सकती हैं। अपने स्वास्थ्य को नज़रअंदाज़ न करें और तनाव से दूर रहने का प्रयास करें। इस अवधि में आपकी आर्थिक स्थिति कमजोर होने के संकेत मिल रहे हैं। ऐसे में उधार लेने और देने से दूर रहें, अन्यथा भविष्य में परेशानी बढ़ सकती है।
कुंभ: विरोधी काम बिगाड़ सकते हैं
कुंभ राशि वालों के लिए चंद्रमा छठे भाव में प्रवेश करेगा। यह भाव शत्रुओं, विवादों और कानूनी मामलों से जुड़ा हुआ माना जाता है। ऐसे में शत्रु आपका काम बिगाड़ सकता है। इस दौरान विरोधी सक्रिय हो सकते हैं और आपके कार्यों में बाधा डालने की कोशिश कर सकते हैं। वाद-विवाद से बचना और संयम से काम लेना हितकर रहेगा।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित है। इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सच्चाई का प्रमाण नहीं देता है।)
