
दिल्ली में मोबाइल चोरी गिरोह का भंडाफोड़.
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय मोबाइल तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है. इस कार्रवाई में सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने 4 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से चोरी और छीने गए 116 महंगे मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जो कोलकाता के रास्ते बांग्लादेश तस्करी के लिए ले जाए जा रहे थे.
कैसे होती थी मोबाइल तस्करी?
यह बड़ी सफलता सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की स्पेशल स्टाफ टीम को मिली है. पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय मोबाइल तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ कर चार कट्टर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से चोरी और छीने गए महंगे मोबाइल फोन इकट्ठा करते थे। इसके बाद विशेष सॉफ्टवेयर और अनलॉक टूल की मदद से मोबाइल फोन की सुरक्षा को दरकिनार कर उन्हें कोलकाता के रास्ते बांग्लादेश भेज दिया जाता था.
116 महंगे मोबाइल फोन बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 116 महंगे मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनमें आईफोन, सैमसंग, वीवो, ओप्पो, रेडमी, मोटोरोला, वनप्लस, नथिंग समेत कई मशहूर ब्रांड के मोबाइल फोन शामिल हैं। इसके अलावा एक टीवीएस एनटॉर्क स्कूटर, आधार कार्ड, अनलॉकिंग टूल और विदेशी सॉफ्टवेयर भी जब्त किया गया है।
पुलिस ने कैसे पकड़ा गिरोह?
इस गिरोह का मास्टरमाइंड समीर उर्फ राहुल बताया जाता है, जो प्रति मोबाइल 1500 रुपये तक चार्ज लेकर अवैध रूप से फोन अनलॉक करता था. आरोपी पीड़ितों को चोरी की VI सिम से फर्जी मैसेज भेजकर आईक्लाउड आईडी निकलवाते थे, ताकि फोन आसानी से बेचा जा सके। पूरे ऑपरेशन के दौरान, दिल्ली पुलिस ने 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का विश्लेषण किया, तकनीकी निगरानी और मानव खुफिया जानकारी का इस्तेमाल किया। अब तक दिल्ली के अलग-अलग जिलों में मोबाइल स्नैचिंग और चोरी के 42 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं.
