
राष्ट्रीय लोक मोर्चा के विधायक ने उपेन्द्र कुशवाहा को लेकर बड़ा बयान दिया है.
नई दिल्ली: बिहार की सियासत में उपेन्द्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा को लेकर चर्चा तेज हो गई है. ऐसा इसलिए क्योंकि उनकी पार्टी के विधायक रामेश्वर महतो अपनी ही पार्टी के नेता से नाराज हैं. इंडिया टीवी से बात करते हुए आरएलएम विधायक रामेश्वर महतो ने उपेंद्र कुशवाहा को लेकर कहा कि हमारे नेता सिद्धांतों की राजनीति करते रहे हैं, इसलिए हमने भाई-भतीजावाद के खिलाफ आवाज उठाई. मैंने सोशल मीडिया पर भी अपने विचार रखे थे और आज फिर से अपने विचार रख रहा हूं.
विधायक कुशवाह ने जताई नाराजगी
उपेन्द्र कुशवाहा के बेटे को मंत्री बनाये जाने को लेकर विधायक रामेश्वर महतो ने कहा, ‘हमने अपनी नाराजगी जाहिर कर दी है और अब फैसला नेता जी को लेना है. मेरे अलावा बाकी दो विधायकों से भी मेरी बात हुई, वे भी इस बात से नाराज हैं. हालांकि, अब वह अपनी बात खुद बताएंगे।
पार्टी की कार्रवाई पर क्या बोले विधायक महतो?
पार्टी की ओर से कार्रवाई के सवाल पर महतो ने कहा कि मैं राजनीति में सेवा करने आया हूं. अगर मुझे सेवा का मौका नहीं मिला तो मैं खुद ही इसे छोड़ दूंगा.
विधायक महतो लिट्टे पार्टी में क्यों नहीं गये?
इसके अलावा उपेन्द्र कुशवाहा की लिट्टे पार्टी में शामिल नहीं हो पाने पर विधायक महतो ने कहा कि उन्हें उसी शाम दिल्ली आना था. मुझे भी निमंत्रण मिला था लेकिन मैं नहीं जा सका. मुझे तो पता ही नहीं था कि इतना बड़ा कार्यक्रम है. मैंने सोचा कि यह एक छोटा सा कार्यक्रम होगा, जिसमें केवल परिवार के सदस्य और करीबी सहयोगी ही शामिल होंगे। लोग अफवाह फैला रहे हैं कि पार्टी टूटने वाली है और तीनों विधायक पार्टी छोड़ देंगे. ये सारी बातें झूठ हैं. हमारा किसी अन्य पार्टी से कोई संपर्क नहीं है.
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