
सदन में अखिलेश यादव
लोकसभा के बजट सत्र में सोमवार को जमकर हंगामा हुआ. विपक्षी नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए एक पत्रिका में छपी रिपोर्ट का हिस्सा पढ़ने की कोशिश की, लेकिन उन्हें रोक दिया गया. इस दौरान अखिलेश यादव उनके समर्थन में खड़े हो गये. अखिलेश ने कहा कि भारत को पाकिस्तान से ज्यादा खतरा चीन से है. ऐसे में विपक्ष के नेता को राष्ट्रहित में अपने विचार व्यक्त करने चाहिए.
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादियों का हमेशा से मानना रहा है कि भारत को पाकिस्तान से ज्यादा खतरा चीन से है. ऐसे में राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता.
क्या बोले अखिलेश?
सदन में राहुल गांधी के समर्थन में बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा, ”अध्यक्ष महोदय, चीन का सवाल बहुत संवेदनशील है. अगर कोई सुझाव है जो देश के हित में है तो मुझे लगता है कि विपक्ष के नेता को इसे पढ़ना चाहिए.” जब सदन की अध्यक्षता कर रहे ओम बिरला ने इस पर आपत्ति जताई तो अखिलेश ने आगे कहा, “यह सब नहीं है. यह बहुत संवेदनशील है. मुझे याद है कि जॉर्ज फर्नांडिस, राम मनोहर लोहिया और नेता हमेशा कहते रहे हैं कि हमें चीन से हमेशा सावधान रहना है. अगर हम चीन से सावधान नहीं हुए तो हम पहले भी हार चुके हैं.” इसके बाद अखिलेश का माइक बंद कर दिया गया.
क्यों है विवाद?
राहुल गांधी एक मैगजीन में छपी रिपोर्ट का कुछ हिस्सा पढ़ना चाहते थे. इस रिपोर्ट में पूर्व सेना प्रमुख नरवणे की एक किताब का हवाला दिया गया है. यह पुस्तक प्रकाशित नहीं हुई है. इस किताब में नरवणे ने भारत और चीन के बीच तनातनी के बारे में बताया था. इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पीएम मोदी का भी जिक्र हुआ. सदन से बाहर निकाले जाने के बाद राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि रक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री ने नाजुक मौके पर जिम्मेदार फैसला लेने के बजाय इसे सैन्य अधिकारी पर छोड़ दिया है.
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