
उपेन्द्र कुशवाहा की लिट्टे पार्टी में उनके तीन विधायक शामिल नहीं हुए.
पटना: कल रात आरएलएम के 4 में से 3 विधायकों के उपेन्द्र कुशवाह की पार्टी लिट्टे में नहीं आने और उसी दिन तीनों विधायकों की नितिन नबीन से मुलाकात की तस्वीर सामने आने के बाद पार्टी में दरार की चर्चा है. पार्टी के चार विधायक हैं. इन्हीं में से एक हैं उपेन्द्र कुशवाह की पत्नी स्नेहलता कुशवाह. लेकिन बाकी तीन विधायकों ने बगावत के साफ संकेत देने शुरू कर दिए हैं. कुछ दिन पहले ही सीतामढी के बाजोपट्टी से विधायक रामेश्वर महतो ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए इशारों-इशारों में पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाए थे. बताया जा रहा है कि उपेन्द्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री बनाये जाने से पार्टी में नाराजगी है. मंत्री पद की शपथ लेने के बाद पार्टी के कई पदाधिकारियों और नेताओं ने इस्तीफा भी दे दिया था. इस बीच पार्टी प्रवक्ता रामपुकार सिन्हा ने इस पर सफाई दी है.
कौन से विधायक लिट्टे पार्टी में शामिल नहीं हुए?
कल रात तीनों विधायक उपेन्द्र कुशवाहा के भोज में भी नजर नहीं आए और कल ही उन्होंने बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की. बुधवार को उपेन्द्र कुशवाहा ने अपने आवास पर लिट्टी-चोखा की दावत दी. इसमें उनकी पार्टी के प्रमुख नेताओं के साथ-साथ मीडिया के लोगों को भी आमंत्रित किया गया था. लेकिन भोज में कुशवाहा की पार्टी के तीन विधायक माधव आनंद, रामेश्वर महतो और आलोक सिंह नजर नहीं आये. इस दावत में कुशवाह की पत्नी और बेटा शामिल थे.
आरएलएम विधायक लिट्टे पार्टी में क्यों नहीं शामिल हुए?
तीन विधायकों के उपेन्द्र कुशवाहा की पार्टी लिट्टे में नहीं आने और नितिन नवीन से मिलने की तस्वीर पर राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रवक्ता रामपुकार सिन्हा ने सफाई दी है. उन्होंने कहा, ‘हमारी पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा के माननीय तीन विधायक माधव आनंद, रामेश्वर कुमार महतो और आलोक कुमार सिंह ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन से शिष्टाचार मुलाकात की. और जहां तक तीन विधायकों के उपेन्द्र कुशवाहा के भोज में नहीं आने की बात है तो ये तीनों किसी कारण से बाहर थे इसलिए शामिल नहीं हो सके. पटना में नितिन नबीन से शिष्टाचार मुलाकात के बाद उन्हें कहीं जाना था, इसलिए वे वहां नहीं पहुंच सके. हमारी पार्टी पूरी तरह से बरकरार है.
ये आरएलएम नेता जेडीयू में शामिल हो गए
गौरतलब है कि आज ही आरएलएम के संस्थापक सदस्य और व्यवसायिक प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अनंत कुमार समेत पार्टी के व्यवसायिक प्रकोष्ठ के कई पदाधिकारियों ने राष्ट्रीय लोक मोर्चा से इस्तीफा दे दिया है. सभी नेताओं ने अगले कुछ दिनों में जेडीयू में शामिल होने का ऐलान किया है.
ये भी पढ़ें-
भारतीय सेना ने सोशल मीडिया पॉलिसी में किया बड़ा बदलाव, जानिए क्या कहता है नया आदेश?
