
ब्राह्मण विधायकों की बैठक की तस्वीर
लखनऊ: ब्राह्मण विधायकों को भोज देने वाले बीजेपी विधायक पंचानंद पाठक उर्फ पीएन पाठक ने बड़ा बयान दिया है. पीएन पाठक ने अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखा है. पोस्ट में बीजेपी विधायक ने साफ किया कि ब्राह्मण समाज हर समाज को जोड़ने के लिए बैठता है, न कि विभाजन पैदा करने के लिए. माना जा रहा है कि यह पोस्ट यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी की नाराजगी के बाद लिखी गई है. इस बयान को पीएन पाठक के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है. कुछ दिन पहले पीएन पाठक के लखनऊ स्थित आवास पर बीजेपी के ब्राह्मण विधायकों की बैठक हुई थी. इस सभा का नाम सहभोज रखा गया। बैठक में करीब 40 विधायक और विधान पार्षद शामिल हुए.
पीएन पाठक ने ये बातें सोशल मीडिया पर लिखीं
पीएन पाठक ने पोस्ट किया, जहां ब्राह्मण एकत्रित होते हैं, वहां ज्ञान, बुद्धि और चिंतन का मंथन होता है, जिससे हिंदू पहचान मजबूत होती है। उनका धर्म समाज को जोड़ना है, बांटना नहीं.
विवाद क्यों हुआ?
ब्राह्मण विधायकों से कुछ महीने पहले ठाकुर विधायकों ने दो बैठकें की थीं. बैठक में प्रदेश सरकार के मंत्री जयवीर सिंह, दयाशंकर सिंह समेत अन्य मंत्री और विधायक भी मौजूद रहे. लेकिन उस दौरान बीजेपी की ओर से कोई आपत्ति नहीं जताई गई. पूर्व सांसद राजवीर सिंह राजू भैया ने लोध समाज के विधायकों, सांसदों और नेताओं का सम्मेलन आयोजित किया. उन्होंने समुदाय की आवाज भी उठाई. लेकिन उस वक्त भी पार्टी की ओर से कोई आपत्ति नहीं जताई गई. बीजेपी के कुर्मी विधायकों ने भी कुर्मी बुद्धिजीवी विचार मंच के बैनर तले ऐसी ही बैठक की. बैठक में सरकार और संगठन में समुदाय के लिए पर्याप्त नेतृत्व का मुद्दा भी उठाया गया. लेकिन उस वक्त भी बीजेपी की तरफ से कोई आपत्ति नहीं जताई गई.
हालांकि, जब ब्राह्मण विधायकों ने बैठक की तो नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने ब्राह्मण नेताओं को चेतावनी दी. यूपी बीजेपी अध्यक्ष की चेतावनी के बाद कांग्रेस-सपा ने ब्राह्मण वोटरों को लुभाने की कोशिशें शुरू कर दीं. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने ब्राह्मण नेताओं से कड़ा रुख अपनाने को कहा है.
