
बिहार में राजद-कांग्रेस गठबंधन में दरार. (फाइल फोटो)
पिछले साल नवंबर में बिहार में हुए विधानसभा चुनाव में राजद-कांग्रेस और कुछ अन्य दलों के महागठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा था. इस हार के बाद राजद और कांग्रेस के रिश्तों में दरार की खबरें सामने आने लगी हैं. कांग्रेस के कई नेता राजद से गठबंधन तोड़ने की मांग कर रहे हैं. पार्टी नेता शकील अहमद खान ने तो यहां तक कह दिया है कि राजद से रिश्ते के कारण कांग्रेस पार्टी की साख को धक्का लगता है. आइए जानते हैं उन्होंने इस बारे में और क्या कहा है.
‘जिस रिश्ते से उसे फ़ायदा न हो…’
बिहार में कांग्रेस नेता शकील अहमद खान ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया है कि बिहार कांग्रेस के लगभग सभी नेताओं ने आलाकमान से बिहार में राजद से रिश्ता तोड़ने की बात कही है. उन्होंने लालू प्रसाद यादव की पार्टी और कांग्रेस की पुरानी सहयोगी पार्टी राजद को लेकर यहां तक कह दिया, ‘जिस रिश्ते का कोई फायदा नहीं, उसे निभाने से क्या फायदा?’
विश्वसनीयता को झटका लगता है – शकील अहमद खान
कांग्रेस नेता शकील अहमद खान यहीं नहीं रुके. उन्होंने यह भी कहा है कि “राजद के साथ संबंध रखने से (कांग्रेस की) विश्वसनीयता को धक्का लगता है। गैर-यादव, ओबीसी, ईबीसी जातियां दूर हो जाती हैं। मुकेश सहनी को डिप्टी सीएम उम्मीदवार बनाया गया, जिनका प्रदर्शन शून्य है, जो कभी चुनाव नहीं जीते। इस वजह से जो लोग वोट देने वाले थे, वे भी दूर हो गए।”
क्या रहा चुनाव परिणाम?
बिहार में 243 सीटों पर हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन ने बंपर जीत हासिल की थी. बीजेपी ने 89 सीटें, जेडीयू ने 85, एलजेपी (आरवी) ने 19, एचएएम (एस) ने 5 और राष्ट्रीय लोकस मोर्चा ने 4 सीटें (कुल 202) जीती थीं। वहीं, चुनाव में राजद को 25 और कांग्रेस को महज 6 सीटों पर जीत मिली। आपको बता दें कि कांग्रेस ने करीब 60 सीटों पर चुनाव लड़ा था.
