
चीन की महान दीवार।
चीन की महान दीवार तथ्य: हम सभी को स्कूल की किताबों में पढ़ाया गया है कि चीन की महान दीवार दुनिया की एकमात्र मानव निर्मित चीज है जो अंतरिक्ष से दिखाई देती है। ये बात इतनी मशहूर है कि कई लोग इसे सच भी मानते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये महज एक अफवाह है? दरअसल, चीन की महान दीवार अंतरिक्ष से नंगी आंखों से बिल्कुल भी दिखाई नहीं देती है। नासा के वैज्ञानिक और अंतरिक्ष यात्री कई बार इसकी पुष्टि कर चुके हैं। यह अफवाह 1930 के दशक में शुरू हुई, जब एक कार्टून में दावा किया गया कि दीवार चंद्रमा से दिखाई देती है। इसके बाद यह बात फैलती गई और किताबों में जगह बनाती गई, लेकिन अब विज्ञान ने इसे गलत साबित कर दिया है।
चीन की महान दीवार को नंगी आँखों से देखना असंभव है
अंतरिक्ष यात्रियों का कहना है कि पृथ्वी से इतनी ऊंचाई पर चीन की महान दीवार को नंगी आंखों से देखना असंभव है। यह खबर सुनकर आप चौंक सकते हैं, क्योंकि बचपन से लेकर आज तक हमें यही बताया जाता है। सामान्य ज्ञान की पुस्तकों में भी यह एक लोकप्रिय प्रश्न हुआ करता था। वैज्ञानिकों के अनुसार, अंतरिक्ष से पृथ्वी पर किसी भी वस्तु को देखने के लिए उसकी चौड़ाई और रंग में अंतर बहुत जरूरी है। दीवार का रंग आसपास की जमीन से मेल खाता है, इसलिए यह आपस में मिल जाती है। नासा का कहना है कि पृथ्वी की निचली कक्षा यानी करीब 160 किलोमीटर की ऊंचाई से भी इसे नंगी आंखों से देखना असंभव है।
चीन की महान दीवार का इतिहास सैकड़ों साल पुराना है
चीन की महान दीवार का इतिहास सैकड़ों वर्ष पुराना है। इसे बनाने का कार्य कई राजवंशों में किया गया। इसका निर्माण मुख्यतः 221-206 ईसा पूर्व में क़िन राजवंश द्वारा शुरू हुआ था। उस समय यह छोटी-छोटी दीवारों का संयोजन था, जो हमलावरों से बचाने के लिए बनाई गई थीं। बाद में, 1368-1644 ई. में मिंग राजवंश के दौरान इसे मजबूत और लंबा किया गया। कुल मिलाकर, यह दीवार लगभग 21,000 किलोमीटर लंबी है, जो पहाड़ों, रेगिस्तानों और मैदानों से होकर गुजरती है। इसमें ईंट, पत्थर और मिट्टी का इस्तेमाल किया गया है. इस दीवार को बनाने का मुख्य उद्देश्य चीन को मंगोल हमलावरों से बचाना था।
चीन की महान दीवार मानव निर्मित सबसे बड़ी दीवार है।
चीन दीवार भले ही अंतरिक्ष से दिखाई न दे, लेकिन यह निश्चित रूप से मनुष्य द्वारा बनाई गई दुनिया की सबसे बड़ी चीज़ है और यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल है। इसे देखने के लिए हर साल करोड़ों पर्यटक आते हैं। इतिहासकारों का मानना है कि इस दीवार को बनाने में लाखों मजदूरों की जान चली गई, जिसके कारण इसे ‘दुनिया का सबसे लंबा कब्रिस्तान’ भी कहा जाता है। ऐसे में कहा जा सकता है कि चीन की महान दीवार मानव इतिहास की कुछ दुर्लभ चीजों में से एक है और शायद इसीलिए इससे कई तरह की अफवाहें भी जुड़ने लगीं। ऐसे में अगली बार जब कोई चीन की महान दीवार के अंतरिक्ष से दिखाई देने की बात करे तो उसे हकीकत जरूर बताएं।
