
कानपुर में भारी मात्रा में नकदी और चांदी बरामद.
कानपुर में कानून व्यवस्था को मजबूत करने और अवैध आर्थिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने में पुलिस कमिश्नरेट को बड़ी सफलता मिली है। गुप्त सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम ने धनकुट्टी इलाके की घनी आबादी वाले इलाके में स्थित एक घर पर छापेमारी की. इस कार्रवाई में हवाला और अवैध करेंसी लेनदेन से जुड़े एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है. मौके से करीब 2 करोड़ रुपये कैश और करीब 61 किलो चांदी बरामद की गई है. चांदी की अनुमानित बाजार कीमत भी करीब 2 करोड़ रुपये बताई जा रही है. इसके अलावा पुलिस ने नेपाली करेंसी भी बरामद की है, जो इस रैकेट के अंतरराष्ट्रीय आयाम की ओर इशारा करता है.
4 लोगों को गिरफ्तार किया गया
इस छापेमारी के दौरान चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह घर किसी गुप्ता नाम के व्यक्ति का बताया जा रहा है, जहां ये अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही थीं. कार्रवाई की सूचना मिलते ही पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल और ज्वाइंट कमिश्नर विनोद कुमार भी मौके पर पहुंचे और पूरी कार्रवाई पर नजर रखी. यह छापेमारी कानपुर पुलिस के उस अभियान का हिस्सा है, जिसमें अवैध धन संचय, हवाला कारोबार और कालेधन के नेटवर्क को तोड़ने पर विशेष फोकस किया जा रहा है.
पुलिस ने क्या बताया?
एडीसीपी सुमित सुधाकर रामटेके ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की गयी. उन्होंने कहा, “हमने इस घर पर छापा मारा और चार आरोपियों को हिरासत में लिया। मौके से करीब 2 करोड़ रुपये नकद, 61 किलो चांदी और नेपाली मुद्रा बरामद की गई है। जांच में पता चला है कि यह एक बड़ा गिरोह है जिसमें और भी लोग शामिल हो सकते हैं। हम आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रहे हैं और उनके नेटवर्क, स्रोतों, प्राप्तकर्ताओं और अन्य संदिग्ध स्थानों का पता लगाने के लिए तलाश जारी है। जो भी नए तथ्य सामने आएंगे, उन्हें समय-समय पर सार्वजनिक किया जाएगा।”
नेटवर्क का विस्तार नेपाल तक हो सकता है
यह कार्रवाई कानपुर में हवाला और अवैध लेनदेन के खिलाफ पुलिस की सख्ती को दर्शाती है. ऐसे रैकेट न केवल अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि आतंकवाद, तस्करी और अन्य अपराधों को फंडिंग भी मुहैया कराते हैं। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह के जरिए देश-विदेश में पैसों का अवैध लेनदेन हो रहा था. नेपाली करेंसी की बरामदगी से संकेत मिलता है कि यह नेटवर्क नेपाल तक फैला हो सकता है.
बैंक खातों, मोबाइल डेटा, संपत्तियों की जांच चल रही है
पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों, मोबाइल डेटा, संपत्तियों और सहयोगियों की गहनता से जांच कर रही है। इस सफलता से कानपुर के लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है. अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी छापेमारी की जा सकती है, ताकि इस तरह के रैकेट को जड़ से खत्म किया जा सके. कानपुर पुलिस कमिश्नरेट की यह कार्रवाई इस बात का उदाहरण है कि कैसे सतर्कता और समन्वय से बड़े अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। जांच जारी है और जल्द ही और खुलासे होने की उम्मीद है। (रिपोर्ट: अनुराग श्रीवास्तव)
ये भी पढ़ें- चित्रकूट में 12 साल के बच्चे का अपहरण कर हत्या, पुलिस ने एक आरोपी को मुठभेड़ में मार गिराया
