
जीआरपी थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह/ सोने के आभूषण की तस्वीर प्रतीकात्मक है.
बिहार के गया में चलती ट्रेन में सोना लूटने वाले जीआरपी थानाध्यक्ष समेत 4 सिपाहियों पर पटना रेल एसपी ने बड़ी कार्रवाई की है. अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए मशहूर गया जीआरपी थाना प्रभारी राजेश कुमार सिंह आखिरकार सलाखों के पीछे पहुंच गये।
क्या है पूरा मामला?
22307 हावड़ा-बीकानेर एक्सप्रेस ट्रेन में यात्रा कर रहे एक व्यवसायी के स्टाफ से 1 किलो सोना लूटने की घटना पिछले 21 नवंबर को हुई थी. इस मामले में 29 नवंबर को गया रेल थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी. पटना रेल एसपी के नेतृत्व में गठित जांच टीम के सीडीआर से पता चला कि इसमें सभी जीआरपी जवान और थाना प्रभारी शामिल थे.
घटना के बाद गया रेल थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह को बुधवार को गिरफ्तार कर रेलवे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया. सोना लूटकांड की जांच के लिए तीन डीएसपी की एसआईटी टीम बनाई गई थी.

गया जीआरपी थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह
किसी को न बताने की धमकी दी
ट्रेन में सफर कर रहे पीड़ित धनंजय शाश्वत से जीआरपी जवानों ने मारपीट कर 1 करोड़ 44 लाख रुपये कीमत का 1 किलो सोना लूट लिया था. गया जंक्शन पहुंचने से पहले ही जीआरपी जवानों ने घटना को अंजाम दिया और फिर उसका टिकट काट कर उसे भेज दिया गया. उसने किसी को कुछ न बताने की धमकी भी दी।
रेल थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह की गिरफ्तारी के बाद से इसमें शामिल चारों सिपाही करण कुमार, अभिषेक चतुर्वेदी, रणंजय कुमार व आनंद मोहन, परवेज आलम व पूर्व रेल थाना चालक सीताराम फरार हैं. उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.
(रिपोर्ट- अजीत कुमार)
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