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सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला एक गंभीर लेकिन जल्दी पता चलने वाला कैंसर है। यह कैंसर गर्भाशय के निचले हिस्से यानी सर्विक्स में विकसित होता है। शुरुआत में इसके लक्षण बहुत हल्के होते हैं या कभी-कभी बिल्कुल भी नजर नहीं आते, इसलिए महिलाएं इसे नजरअंदाज कर देती हैं। आर्ट ऑफ हीलिंग कैंसर के ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. मनदीप सिंह मल्होत्रा का कहना है कि जैसे-जैसे बीमारी बढ़ती है, शरीर में कुछ खास तरह के दर्द और लक्षण महसूस होने लगते हैं, जिन्हें पहचानना बहुत जरूरी है। आइये जानते हैं क्या हैं वो लक्षण?
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पेट के निचले हिस्से में दर्द: सर्वाइकल कैंसर में सबसे आम दर्द पेट के निचले हिस्से या पेल्विक क्षेत्र में महसूस होता है। यह दर्द हल्का, लगातार या समय-समय पर बढ़ता हुआ हो सकता है। कई महिलाओं को यह दर्द मासिक धर्म के दर्द जैसा लगता है, लेकिन यह सामान्य मासिक धर्म के दर्द से अधिक समय तक रहता है। जैसे-जैसे कैंसर बढ़ता है, यह दर्द पीठ के निचले हिस्से तक भी फैल सकता है।
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कमर और पीठ दर्द: कमर और पीठ दर्द भी इस बीमारी का एक महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है। जब कैंसर आसपास के ऊतकों और तंत्रिकाओं पर दबाव डालने लगता है तो कमर में भारीपन या लगातार दर्द की शिकायत हो सकती है। कुछ मामलों में यह दर्द जांघों तक फैल जाता है, जिससे चलने-फिरने में दिक्कत होती है।
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संभोग के दौरान दर्द: सर्वाइकल कैंसर के दौरान संभोग के दौरान दर्द महसूस होना भी एक महत्वपूर्ण लक्षण है। अगर आपको संभोग के दौरान या उसके बाद लगातार दर्द और परेशानी महसूस होती है तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। यह संकेत गर्भाशय ग्रीवा में होने वाले परिवर्तनों का संकेत दे सकता है।
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असामान्य रक्तस्राव: इस कैंसर में दर्द के साथ-साथ कुछ अन्य लक्षण भी दिखाई देते हैं। योनि से असामान्य रक्तस्राव, जैसे मासिक धर्म के बीच रक्तस्राव, रजोनिवृत्ति के बाद रक्तस्राव या संभोग के बाद रक्तस्राव, गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर का एक प्रमुख लक्षण है। इसके अलावा दुर्गंधयुक्त या असामान्य रंग का योनि स्राव भी चिंता का कारण हो सकता है।
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पेशाब करने में कठिनाई: जैसे-जैसे बीमारी बढ़ती है, पेशाब करते समय जलन, बार-बार पेशाब आना या पेशाब करने में कठिनाई हो सकती है। कुछ महिलाओं को लगातार थकान, वजन कम होना और भूख न लगना जैसी समस्याएं भी महसूस होती हैं। ये सभी लक्षण इस बात का संकेत हो सकते हैं कि कैंसर शरीर को प्रभावित कर रहा है।
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सर्वाइकल कैंसर से बचाव: सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम और समय पर इलाज के लिए नियमित जांच बहुत जरूरी है। पैप स्मीयर परीक्षण और एचपीवी परीक्षणों के माध्यम से शुरुआती परिवर्तनों का जल्दी पता लगाया जा सकता है। यदि आपको पेट के निचले हिस्से में लगातार दर्द, असामान्य रक्तस्राव या ऊपर बताए गए किसी भी लक्षण का पता चलता है, तो आपको बिना किसी देरी के डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। समय पर निदान और उचित उपचार से सर्वाइकल कैंसर को गंभीर होने से रोका जा सकता है।
