
हाइड्रोजन गैस ट्रेन
नए साल 2026 में जींद टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि की ओर बढ़ रहा है। देश में पहली बार हाइड्रोजन गैस से चलने वाली ट्रेन जींद और सोनीपत के बीच चलने के लिए तैयार है. ट्रेन की लोड जांच का अंतिम ट्रायल इसी सप्ताह जींद रेलवे स्टेशन पर किया जाएगा। सफल ट्रायल के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय से अंतिम मंजूरी मिलते ही ट्रेन का नियमित परिचालन शुरू हो जाएगा.
9 किलोग्राम पानी से 900 ग्राम हाइड्रोजन ईंधन तैयार किया जाएगा.
हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली यह ट्रेन पर्यावरण अनुकूल और अत्याधुनिक तकनीक से लैस होगी। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, 9 किलोग्राम पानी से 900 ग्राम हाइड्रोजन ईंधन तैयार किया जाएगा, जिससे ट्रेन 1 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकेगी. ट्रेन की अधिकतम गति 150 किलोमीटर प्रति घंटा होगी.
प्रधानमंत्री कार्यालय से भी मंजूरी मिल गई है
जींद रेलवे स्टेशन पर स्पेन की एक कंपनी द्वारा हाइड्रोजन गैस उत्पादन का अत्याधुनिक प्लांट बनाया गया है, जिसे प्रधानमंत्री कार्यालय से मंजूरी भी मिल चुकी है। चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में तैयार की गई ट्रेन के चार ड्राइवर पावर कार और 16 कोच शकूर बस्ती स्टेशन पर पहुंच गए हैं.
-जींद-सोनीपत के बीच 90 किलोमीटर का ट्रायल
26 जनवरी से 2 डीपीसी और 8 यात्री कोचों के साथ जींद-सोनीपत के बीच 90 किमी का ट्रायल रन किया जाएगा। ट्रायल रिपोर्ट रेलवे, आरडीएसओ और स्पेन की ग्रीन एच कंपनी संयुक्त रूप से तैयार करेगी।
हाइड्रोजन ट्रेन की मुख्य विशेषताएं
- ट्रेन के आगे और पीछे ड्राइवर पावर कार
- प्रत्येक डीपीसी में 1200 हॉर्स पावर का मोटर इंजन
- ईंधन सेल 3750 एम्पीयर डीसी धारा उत्पन्न करता है।
- ट्रेन में एसी, लाइट, पंखे हाइड्रोजन ऊर्जा से चलेंगे
- मेट्रो की तर्ज पर डिजिटल डिस्प्ले सिस्टम
- दोनों तरफ स्वचालित दरवाजे
- 3,000 किलोग्राम हाइड्रोजन भंडारण क्षमता
प्लांट संचालन के लिए रेलवे द्वारा 1.5 मेगावाट बिजली कनेक्शन लिया गया है. यहां 3,000 किलोग्राम हाइड्रोजन गैस का भंडारण है. 7,680 किलोग्राम ऑक्सीजन भंडारण की व्यवस्था है. दो बड़े भंडारण टैंक बनाए गए हैं।
देश में हरित प्रौद्योगिकी का मॉडल बनकर उभरेगा
स्वास्थ्य, शिक्षा और स्मार्ट ट्रैफिक में भी बड़ा सुधार होने जा रहा है। हाइड्रोजन ट्रेन प्रोजेक्ट से जींद न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश में ग्रीन टेक्नोलॉजी का मॉडल बनकर उभरेगा। यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत और आधुनिक परिवहन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगी।
भारत का सबसे बड़ा हाइड्रोजन संयंत्र जिंद में है
इस बारे में हरियाणा के डिप्टी स्पीकर और जींद के विधायक डॉ. कृष्ण मिढ़ा का कहना है कि यह जींद के लोगों के लिए गर्व की बात है कि भारत का सबसे बड़ा हाइड्रोजन प्लांट जींद में स्थापित किया गया है. हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन चलने के लिए तैयार है, जिसे जल्द ही देश के प्रधानमंत्री देश को समर्पित करेंगे।
राज कुमार गोयल की रिपोर्ट
