
दिल का दौरा
नया साल आने से पहले लोग खूब पार्टी करते हैं. नाच-गाने और खाने-पीने का खूब जमावड़ा होता है. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि ये चीजें आपके दिल की सेहत पर भारी पड़ सकती हैं। इस मौसम में हृदय रोग कैसे होते हैं, इसकी क्रोनोलॉजी समझना हर किसी के लिए जरूरी है। दरअसल, सर्दी आते ही शरीर खुद को बचाने के लिए नसों को सिकोड़ लेता है। परिणाम–रक्तचाप बढ़ जाता है। यही कारण है कि सर्दियों में हाई बीपी के मामले 10% से बढ़कर लगभग 25% तक हो जाते हैं। ठंड का मौसम ‘सहानुभूति तंत्रिका तंत्र’ को अत्यधिक सक्रिय कर देता है जिसके कारण दिल की धड़कनें तेज हो जाती हैं और जब पार्टी के मूड में धूम्रपान, शराब और देर रात तक तेज संगीत शामिल होता है तो दिल पर हर तरफ से दबाव बढ़ जाता है।
ऊपर से प्रदूषण का कहर फेफड़ों को कमजोर कर देता है. इन कारणों से, सर्दियों में, खासकर सुबह के समय, आपातकालीन अस्पतालों में दिल के दौरे के मामले बढ़ जाते हैं। यह खतरा सिर्फ आम लोगों तक ही सीमित नहीं है. ‘जर्नल ऑफ मेडिकल हेल्थ’ के अध्ययन के अनुसार, देश के 48% डॉक्टर हाई बीपी से पीड़ित हैं, 23% को मधुमेह है, 43% को उच्च कोलेस्ट्रॉल है, और 12% को हृदय रोग है। इसका मतलब यह है कि हर दूसरा डॉक्टर खुद किसी न किसी बीमारी से जूझ रहा है। बाबा रामदेव कहते हैं कि इतना कुछ कहने-समझाने का मतलब है पार्टी करना, जश्न मनाना लेकिन याद रखें कि दिल सिर्फ महसूस करने के लिए नहीं बल्कि संभालकर रखने के लिए भी होता है।
हृदय रोग के पीछे कारण
अगर सीने में दर्द और पसीने के साथ शरीर में हाई बीपी, हाई शुगर, हाई कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाए तो समझ लें कि आपके दिल की सेहत खराब हो गई है। आपको बता दें, मौत के 10 कारणों में हृदय रोग नंबर 1 पर है। ऐसे में अगर आप अपना ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, शुगर लेवल और शरीर का वजन नियंत्रण में रखेंगे तो आपका दिल स्वस्थ रहेगा।
अगर आप रोजाना ऐसा करते हैं तो आपको कार्डियक अरेस्ट की समस्या नहीं होगी।
अगर आप रोजाना योग-प्राणायाम, वॉकिंग-जॉगिंग और साइकिलिंग करते हैं। जंक फूड के बजाय स्वस्थ भोजन खाएं। तम्बाकू और शराब की आदत छोड़ें। तनाव लेने की बजाय समस्या साझा करें। इसका मतलब है कि यदि आप समग्र रूप से अपनी जीवनशैली में सुधार करते हैं, तो आपका दिल स्वस्थ रहेगा और कार्डियक अरेस्ट नहीं होगा।
हृदय की जांच जरूरी है
आपका दिल कितना स्वस्थ है, यह जानने के लिए समय-समय पर ये कुछ टेस्ट कराते रहना चाहिए। महीने में एक बार ब्लड प्रेशर की जांच कराएं। हर 6 महीने में कोलेस्ट्रॉल की जांच कराएं। हर 3 महीने में ब्लड शुगर की जांच कराएं। हर 6 महीने में अपनी आंखों की जांच कराएं। साल में एक बार फुल बॉडी चेकर करवाएं।
स्वस्थ हृदय के लिए आहार योजना
स्वस्थ हृदय के लिए अपनी दिनचर्या में पानी की मात्रा बढ़ाएँ। नमक और चीनी कम करें. अधिक फाइबर लें. रोजाना नट्स का सेवन करें. अपने आहार में साबुत अनाज और प्रोटीन भी शामिल करें।
दिल को मजबूत करने के लिए करें ये काम:
दिल को मजबूत बनाने के लिए रोजाना 15 मिनट सूक्ष्म व्यायाम करें। रोज सुबह लौकी का जूस पियें। तला-भुना खाना खाने से बचें. धूम्रपान बिल्कुल न करें. अर्जुन की छाल का काढ़ा पियें। काढ़ा बनाने के लिए 1 चम्मच अर्जुन की छाल, 2 ग्राम दालचीनी और 5 तुलसी लें. इन्हें उबालकर काढ़ा बना लें। इसे रोजाना पीने से आपका दिल स्वस्थ रहेगा
अस्वीकरण: (इस लेख में सुझाए गए सुझाव केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी फिटनेस कार्यक्रम को शुरू करने या अपने आहार में कोई भी बदलाव करने या किसी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले कृपया अपने डॉक्टर से परामर्श लें। इंडिया टीवी किसी भी तरह के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)
