
वाराणसी में भारी भीड़
वाराणसी के मंदिरों में इन दिनों भक्तों की भारी भीड़ है. हालात ऐसे हैं कि भीड़ को देखते हुए काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने 2 जनवरी 2026 तक स्पर्श दर्शन पर रोक लगा दी है. इसके साथ ही सभी तरह के प्रोटोकॉल भी बंद कर दिए गए हैं. मंदिर प्रशासन ने प्रतिष्ठित और वीआईपी लोगों से अनुरोध किया है कि मौजूदा संख्या को देखते हुए वे मंदिर प्रशासन को कोई अनुरोध न भेजें। श्रद्धालुओं की बढ़ी संख्या को देखकर कहा जा सकता है कि हालात महाकुंभ जैसे हो गए हैं, जिसके लिए पुलिस और प्रशासन ने भी कमर कस ली है.
मंदिर से लेकर गंगा आरती स्थल तक ड्रोन से निगरानी की जा रही है. साथ ही बैरिकेडिंग लगाकर लोगों को दर्शन कराया जा रहा है. रूट डायवर्जन किया गया है. 31 दिसंबर और 1 जनवरी को काशी विश्वनाथ मंदिर की ओर जाने वाली सड़कों पर किसी भी वाहन को अनुमति नहीं दी जाएगी। नए साल 2026 के दिन लोग काशी विश्वनाथ मंदिर और गंगा आरती में शामिल होने के लिए वाराणसी पहुंचे हैं. प्रशासन के मुताबिक, 25 दिसंबर से रोजाना लाखों लोग बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर रहे हैं और दशाश्वमेध की गंगा आरती में भी शामिल हो रहे हैं. नजारा महाकुंभ जैसा लग रहा है.
प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है
दशाश्वमेध के एसीपी ने बताया कि रोजाना लाखों लोग काशी पहुंच रहे हैं, उनकी सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग की गई है. शहर के कई हिस्सों में डायवर्जन किया गया है. पीए सिस्टम से अनाउंसमेंट किया जा रहा है. गोदौलिया चौराहे पर एक कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है, जहां घाटों, मंदिरों और संवेदनशील इलाकों पर सीसीटीवी के जरिए लगातार नजर रखी जाएगी. ड्रोन से हवाई निगरानी की जा रही है, नाविकों के साथ बैठक कर सभी को लाइफ सेविंग जैकेट पहनकर ही नाव यात्रा करने का निर्देश दिया गया है. सोशल मीडिया पर पैनी नजर है. इसके साथ ही पीएसी, सिविल फोर्स, पैरामिलिट्री फोर्स के अलावा सादे कपड़ों में भी सुरक्षा अधिकारी तैनात किए गए हैं।
प्रवेश और निकास द्वारों को अलग-अलग जोन में बांटा गया
काशी विश्वनाथ मंदिर के चारों प्रवेश और निकास द्वारों को अलग-अलग जोन में बांटा गया है। गेट नंबर 1 ढुंढिराज से प्रवेश और निकास की व्यवस्था की गई है, जबकि गेट नंबर 2 सरस्वती फाटक पर भी यही व्यवस्था की गई है। गेट नंबर 3 गंगा द्वार से मंदिर परिसर तक प्रवेश पर बैरिकेडिंग कर सुगम दर्शन कराया जा रहा है। गेट नंबर 4: मुख्य वीआईपी गेट से तीन अलग-अलग गेट बनाए गए हैं. गोदौलिया से आने वाले श्रद्धालु नंदुफरिया गेट से प्रवेश लेंगे जबकि काशीवासियों के लिए अलग से प्रवेश की व्यवस्था है। वहीं, चौक थाने की ओर से आने वालों को गेट नंबर 4-बी से मंदिर परिसर में भेजा जा रहा है.
मंदिर के सीईओ ने दी जानकारी
मंदिर के सीईओ विश्व भूषण मिश्रा ने कहा कि 24 दिसंबर से भक्तों की संख्या में वृद्धि हुई है। ऐसे में सुविधाजनक दर्शन के लिए कई निर्णय लिए गए हैं। मंदिर में 2 जनवरी तक बाबा के स्पर्श दर्शन पर रोक रहेगी. किसी भी प्रकार का प्रोटोकॉल स्वीकार नहीं किया जाएगा. बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कोई विशेष व्यवस्था नहीं की जाएगी.
(वाराणसी से अश्विनी त्रिपाठी की रिपोर्ट)
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