
महागठबंधन को झटका
मुंबई: मुंबई नगर निगम चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की मंगलवार को आखिरी तारीख थी. इसके बाद बुधवार को नामांकन पत्रों की जांच शुरू हुई. इस बीच एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया.
मुंबई नगर निगम के दो वार्डों में बीजेपी और शिंदे सेना के उम्मीदवारों का नामांकन रद्द कर दिया गया है. इसके चलते मतदान से पहले ही महायुति इन दोनों वार्डों से चुनावी मुकाबले से बाहर हो गयी है. चुनाव से पहले महायुति को बड़ा झटका लगा है.
क्या है पूरा मामला?
अब मुंबई के वार्ड नंबर 211 और 212 में महायुति का कोई भी उम्मीदवार मैदान में नहीं है. महायुति में वार्ड नंबर 211 शिंदे सेना के पक्ष में था, लेकिन आवश्यक दस्तावेज पूरे नहीं होने के कारण शिंदे सेना उम्मीदवार का नामांकन स्वीकार नहीं किया गया.
वहीं, वार्ड नंबर 212 से बीजेपी प्रत्याशी मंदाकिनी खामकर का नामांकन भी रद्द कर दिया गया. जानकारी के मुताबिक एबी फॉर्म लेने के बाद खामकर अपना नामांकन दाखिल करने के लिए 15 मिनट की देरी से कार्यालय पहुंचे, जिसके कारण उनका नामांकन स्वीकार नहीं किया गया.
इन दो वार्डों 211 और 212 से भाजपा और शिंदे सेना के उम्मीदवारों के बाहर होने से महायुति को बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। अब इन वार्डों में महायुति द्वारा एक स्वतंत्र उम्मीदवार को समर्थन देने की संभावना भी व्यक्त की जा रही है।
वहीं वार्ड क्रमांक 212 में एमएनएस से श्रीवाणी हल्दनकर ठाकरे बंधुओं के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ रही हैं. अखिल भारतीय सेना की गीता गवली, कांग्रेस और अन्य पार्टियों के उम्मीदवार उन्हें चुनौती दे रहे हैं. हालांकि, इस क्षेत्र में ठाकरे बंधुओं की एकजुट राजनीतिक ताकत को देखते हुए हल्दनकर की जीत लगभग तय मानी जा रही है. ऐसे में एमएनएस का वार्ड 212 से खाता खुलने की प्रबल संभावना नजर आ रही है.
