
बंदूक संस्कृति को बढ़ावा देने वाले गाने
हरियाणवी गानों के जरिए गैंगस्टरवाद और बंदूक संस्कृति फैलाने के लिए हरियाणा पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। हरियाणा पुलिस ने प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म और यूट्यूब से 67 ऐसे गानों को हटा दिया है, जो गैंगस्टरवाद और बंदूक संस्कृति को बढ़ावा देते हैं। हरियाणा पुलिस के मुताबिक ये सभी गाने संगठित अपराध को बढ़ावा दे रहे थे.
एसटीएफ और साइबर यूनिट ने जांच की
हरियाणा पुलिस के मुताबिक, इस कार्रवाई के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और साइबर यूनिट ने विस्तृत जांच की है. जांच में ऐसे कई गाने और कंटेंट सामने आए हैं, जिनमें गैंगस्टर्स, हथियारों और अपराध से जुड़ी विलासिता की दिखावटी जिंदगी का महिमामंडन किया गया है. पुलिस का मानना है कि इस तरह का कंटेंट युवाओं को अपराध की ओर आकर्षित करता है.
लाइक या शेयर करने वालों पर नजर रखें
हरियाणा पुलिस ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर ऐसे कंटेंट को लाइक या शेयर करने वालों पर भी नजर रखी जाएगी. जरूरत पड़ने पर उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है. एसटीएफ ने कंटेंट क्रिएटर्स से बात की है और उन्हें समझाया है कि हिंसा और गैंगस्टर संस्कृति का महिमामंडन न करें. साथ ही समाज पर पड़ने वाले इसके दुष्प्रभाव से भी अवगत कराया।
गायक मासूम शर्मा के 19 आपत्तिजनक गाने
पिछले साल खुफिया सूचनाओं के आधार पर की गई कार्रवाइयों में आतंकी गतिविधियों से जुड़े नेटवर्क का भी खुलासा हुआ था, जिसमें ग्रेनेड और अवैध हथियारों की बरामदगी भी शामिल थी. एसटीएफ की सूची के मुताबिक जो गाने हटाए गए हैं उनमें सबसे ज्यादा 19 आपत्तिजनक गाने गायक मासूम शर्मा के हैं.
आशु ट्विंकल के आठ और मनीषा शर्मा के भी सात गाने हैं.
इसके अलावा नरेंद्र भगाना और अमित सैनी रोहतकिया के छह-छह गानों पर प्रतिबंध लगाया गया है। लिस्ट में आशु ट्विंकल के आठ और मनीषा शर्मा के सात गाने भी शामिल हैं. खास बात ये है कि बैन से पहले ये गाने सोशल मीडिया पर लाखों-करोड़ों बार देखे जा चुके थे.
यूट्यूब और सोशल मीडिया पर उनके कई मिलियन फॉलोअर्स हैं
जिन गायकों के गाने बैन किए गए हैं उनके यूट्यूब और सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स हैं. पुलिस के मुताबिक, ‘कोर्ट में गोली’ नाम का गाना कानून और न्याय व्यवस्था को खुलेआम चुनौती देता है. पिछले नौ महीने में इस गाने को यूट्यूब पर 3.2 करोड़ से ज्यादा बार देखा जा चुका है.
मैं इन गानों पर फिदा हो गया
इसी तरह ‘ट्यूशन बदमाशी का’, ’60 मुक़दमे’ और ‘तालिबान’ जैसे गानों पर अपराध, हथियार और गैंगस्टर संस्कृति को बढ़ावा देने का आरोप है। एसटीएफ की सूची के मुताबिक, ‘कोर्ट में गोली’ नाम का यह गाना कानून को खुली चुनौती देता है। पिछले नौ महीने में इसे यूट्यूब पर 3.2 करोड़ से ज्यादा बार देखा जा चुका है.
न्याय व्यवस्था का मजाक
इस गाने के बोल खुलेआम कोर्ट और न्याय व्यवस्था का मजाक उड़ाते हैं. राहुल पुथी और आशु ट्विंकल द्वारा गाया गया यह गाना गैंगस्टरों का महिमामंडन करने वाला माना जाता है। ट्यूशन बदमाशी का जैसे गाने में अपराध को एक हुनर के तौर पर पेश किया गया है.
हथियारों के साथ गढ़ी गई नायक की छवि
वहीं 60 मुकादम जैसे गाने में हथियारों के साथ हीरो की छवि बनाई गई है, जिसे लोग करोड़ों बार देख चुके हैं. तालिबान जैसे गानों में आतंकी संगठनों से संबंध जाहिर करना भी सामने आया है. एसटीएफ की सूची के मुताबिक सबसे ज्यादा 19 आपत्तिजनक गाने गायक मासूम शर्मा के हैं.
सोशल मीडिया पर इसे लाखों लोग देख चुके हैं
इसके अलावा नरेंद्र भगाना और अमित सैनी रोहतकिया के छह-छह गाने शामिल हैं। लिस्ट में आशु ट्विंकल के आठ गाने हैं। मनीषा शर्मा के सात गीत (सभी युगल) अंकित हैं। हालांकि, बैन होने से पहले ही इन गानों को सोशल मीडिया पर लाखों लोग देख चुके हैं।
