
भारत में त्योहारों का मतलब केवल जश्न मनाना ही नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की एक जगह से दूसरी जगह तक की यात्रा भी है। इस भारी भीड़ और बढ़ती मांग को देखते हुए भारतीय रेलवे ने साल 2025 में ऐसा काम किया, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड बन गया. रेल मंत्रालय के मुताबिक, 2025 में धार्मिक आयोजनों और पीक ट्रैवल सीजन के दौरान देशभर में 43 हजार से ज्यादा स्पेशल ट्रेन यात्राएं चलाई गईं, जिससे यात्रियों को सुरक्षित, आसान और सुविधाजनक यात्रा मुहैया कराई गई.
रेल मंत्रालय ने कहा कि ये विशेष व्यवस्थाएं यात्रियों की बढ़ती संख्या को संभालने और देश के विभिन्न हिस्सों में बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करने के प्रति रेलवे की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। वर्ष 2025 में पिछले वर्षों की तुलना में काफी बड़े पैमाने पर विशेष ट्रेनों का संचालन किया गया, जिसमें यात्री सुविधा और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया।
महाकुंभ 2025 बना सबसे बड़ा ऑपरेशन
2025 में महाकुंभ के दौरान रेलवे का सबसे बड़ा स्पेशल ट्रेन संचालन देखने को मिला. 13 जनवरी से 28 फरवरी के बीच आयोजित महाकुंभ के लिए रेलवे ने 17,340 विशेष ट्रेन यात्राएं चलाईं। इन ट्रेनों ने करोड़ों श्रद्धालुओं को प्रयागराज और आसपास के इलाकों तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई।
होली और गर्मी की छुट्टियों में भी राहत
होली 2025 के दौरान रेलवे ने भी खास तैयारियां कीं. 1 मार्च से 22 मार्च के बीच 1,144 स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं, जो पिछले साल की तुलना में लगभग दोगुनी थीं. इससे त्योहार के दौरान टिकटों की कमी काफी हद तक कम हो गई. वहीं, अप्रैल से जून 2025 तक चलने वाले गर्मी के मौसम में रेलवे ने 12,417 ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन यात्राएं संचालित कीं, ताकि छुट्टियों के दौरान यात्रा करने वाले यात्रियों को कोई परेशानी न हो.
छठ पूजा में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
छठ पूजा 2025 के दौरान भी रेलवे की तैयारियां खास थीं. 1 अक्टूबर से 20 नवंबर के बीच 12,383 स्पेशल ट्रेन यात्राएं चलाई गईं, जो पिछले साल से कहीं ज्यादा थीं. इससे बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों की यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिली।
