
हर जिले में भू-माफियाओं की सूची तैयार की जा रही है.
पटना: बिहार में कई दशकों से माफियाओं का बोलबाला रहा है. हालांकि, अब एनडीए सरकार इन माफियाओं के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है. चाहे खनन माफिया हो, शराब माफिया हो या फिर भू-माफिया, बिहार सरकार इन सभी माफियाओं की पहचान कर एक-एक कर कार्रवाई करने में जुटी है. हाल ही में बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने एक पोस्ट के जरिए भू-माफियाओं को साफ चेतावनी दी है कि सभी पर कार्रवाई होगी. उन्होंने कहा है कि बिहार के हर जिले में ऐसे भू-माफियाओं की सूची तैयार की जा रही है और सभी पर कार्रवाई की जायेगी.
हर जिले में सूची तैयार की जा रही है
दरअसल, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भू-माफियाओं को सीधी चेतावनी दी है. एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, ‘हर जिले में भू-माफियाओं की सूची तैयार की जा रही है.’ पोस्ट के मुताबिक, “खनन और शराब माफिया की तर्ज पर अब हर जिले में भू-माफियाओं की सूची तैयार की जा रही है. फर्जी दस्तावेजों के सहारे जमीन हड़पने वाले माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. माफिया के साथ मिलकर गलत दस्तावेज बनाने या नियमों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को भी बख्शा नहीं जाएगा. पहले 100 दिनों में दाखिल-खारिज, दाखिल-खारिज और दाखिल-खारिज के लंबित मामलों के निपटारे के लिए 14 जनवरी की तारीख तय की जाएगी. जिसकी समय सीमा तय कर दी गई है.”
यूपी की तर्ज पर कार्रवाई की तैयारी
ऐसा लगता है कि बिहार में भी यूपी की तर्ज पर माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की कोशिश की जा रही है. इरादा तो नेक है लेकिन ये काम आसान नहीं है. माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए योगी आदित्यनाथ जैसा साहस, नैतिक शक्ति और पुलिस-प्रशासन पर पूर्ण नियंत्रण की जरूरत है। बिहार से सटे यूपी में कभी माफियाओं का बोलबाला था, नेताओं के संरक्षण में माफिया राज चलता था. लेकिन योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनते ही यूपी की तस्वीर बदल गई. लोगों को माफिया राज से मुक्ति मिली, यूपी में अपराधी परास्त हुए, पुलिस का इकबाल कायम होने लगा, कानून का राज चलने लगा। अगर योगी का यह मॉडल बिहार में अपनाया गया तो बिहार की तस्वीर भी बदल जायेगी.
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