
2025 की मेगा फ्लॉप फिल्म
साल 2025 में कई स्टारकिड्स ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की. किसी ने स्क्रीन के सामने धमाल मचाया तो किसी ने स्क्रीन के पीछे. खासकर पांडे परिवार के चिराग अहान पांडे ने इस साल को मोहित सूरी की ‘सयारा’ से अपने नाम किया। ‘सयारा’ पर जमकर पैसा बरसा और इसी के साथ ये इस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में से एक बन गई. शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान ने भी अपने करियर की शुरुआत बतौर निर्देशक की थी और दर्शकों को उनकी सीरीज काफी पसंद आई थी. लेकिन, उसी साल दो और स्टार किड्स ने अपने करियर की शुरुआत की, जिनकी पहली ही फिल्म बड़े पर्दे पर बुरी तरह फ्लॉप हो गई। साथ ही मेकर्स को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा था.
अमन देवगन और राशा थडानी की पहली फिल्म फ्लॉप रही थी
जनवरी 2025 में रिलीज हुई ‘आजाद’ से अजय देवगन के भतीजे अमान देवगन ने फिल्मी दुनिया में कदम रखा। इस फिल्म में उनके साथ रवीना टंडन की बेटी राशा थडानी मुख्य भूमिका में थीं। इन दोनों स्टार किड्स के अलावा फिल्म में अजय देवगन भी थे और फिल्म का बजट भी काफी बड़ा था. इस फिल्म पर मेकर्स ने 80 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए थे, खूब प्रमोशन भी हुआ था। लेकिन, रिलीज होने पर फिल्म बुरी तरह फ्लॉप हो गई और अपने बजट का 20 प्रतिशत भी नहीं वसूल पाई, जिसके कारण निर्माताओं को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
फिल्म बजट का 20 प्रतिशत भी नहीं वसूल पाई
17 जनवरी 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई ‘आजाद’ से मेकर्स को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन यह बॉक्स ऑफिस पर अपने बजट का 20 फीसदी भी नहीं वसूल पाई और 10.57 करोड़ रुपये के कलेक्शन पर ही सिमट गई. यानी कि फिल्म के चलते मेकर्स को करीब 70 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। हालांकि, बावजूद इसके ये फिल्म दर्शकों के बीच कुछ खास कमाल नहीं कर पाई. लेकिन, इसके एक गाने ने राशा को स्टार जरूर बना दिया। इस फिल्म के एक गाने ‘उई अम्मा’ में राशा ने ऐसा डांस दिखाया कि वह सुपरहिट हो गया। राशा के इस गाने को खूब प्यार मिला और अब राशा स्टार बन गई हैं.
आज़ाद की कहानी क्या है?
‘आजाद’ की बात करें तो फिल्म की कहानी 1920 के दशक में आजादी से पहले के भारत की एक काल्पनिक कहानी है। इस गांव में गोविंद (अमन देवगन) नाम का एक लड़का रहता है, जो गरीब है और जमींदारों और अंग्रेजों के जुल्म के बीच उसकी मुलाकात आजाद नाम के घोड़े के मालिक विक्रम सिंह (अजय देवगन) से होती है, जो एक विद्रोही है। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे गोविंद, विक्रम सिंह के साथ मिलकर अपनी बहादुरी और आज़ाद घोड़े की मदद से गांव को गुलामी से मुक्त कराते हैं और हीरो बन जाते हैं। इसमें एक प्रेम कहानी भी है और अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह भी दिखाया गया है.
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