
दिल्ली के चांदनी चौक में एक इमारत में भीषण आग लग गई.
नई दिल्ली: दिल्ली के मशहूर चांदनी चौक इलाके के कूचा रहमान में भीषण आग लग गई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, जहां आग लगी, वहां नीचे दुकानें और ऊपर लोगों के घर हैं. इससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. आग की सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की 5 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. खबर लिखे जाने तक आग बुझाने की कोशिशें जोरों पर चल रही हैं. अभी तक किसी के घायल होने या मारे जाने की खबर नहीं है, लेकिन आग से नुकसान की आशंका है.
मुस्तफाबाद में आग लगने से युवक की मौत मुस्तफाबाद
आपको बता दें कि यह आग दिल्ली में एक दिन में चौथी बड़ी घटना है. इससे पहले शुक्रवार को राजधानी में आग लगने की 3 अलग-अलग घटनाएं हुईं, जिसमें एक युवक की मौत हो गई और उसका भाई गंभीर रूप से झुलस गया. अधिकारियों के मुताबिक, पहली घटना सुबह उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मुस्तफाबाद इलाके में हुई. यहां एक चार मंजिला इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर आग लग गई. इस हादसे में 20 साल के जुनैद की मौत हो गई, जबकि उसका बड़ा भाई 23 साल का समीर बुरी तरह झुलस गया. दिल्ली फायर सर्विस को सुबह 6:24 बजे सूचना मिली, जिसके बाद 5 दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया।
मुनिरका में 8 बिजली मीटरों में लगी आग
मिली जानकारी के मुताबिक, दोनों भाइयों को जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जुनैद को मृत घोषित कर दिया, जबकि समीर को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई. पुलिस ने बताया कि मुस्तफाबाद में इमारत में भीषण आग लगने से जुनैद की मौत हो गई और समीर झुलस गया. पुलिस ने मामले की गहराई से जांच के लिए एक टीम गठित की है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. इस मामले में बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. दूसरी घटना सुबह 10:32 बजे दक्षिणी दिल्ली के मुनिरका इलाके में हुई. यहां एक घर में लगे 8 बिजली मीटरों में आग लग गई. तुरंत दमकल की गाड़ियां पहुंचीं और करीब 10 मिनट में आग पर काबू पा लिया गया.
दिल्ली के बिंदापुर इलाके में भी आग लग गई
दिल्ली में आग लगने की तीसरी घटना सुबह 10:57 बजे दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के बिंदापुर इलाके में हुई. मिली जानकारी के मुताबिक यहां एक ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन पर आग लग गई. अग्निशमन विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि दमकल की गाड़ियों ने तुरंत आग बुझा दी, जिससे इसे आस-पास फैलने से रोका गया। इसमें भी कोई घायल नहीं हुआ और आग लगने का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है.
