
अमित सातम
महाराष्ट्र में नगर निगम चुनाव की सरगर्मियों के बीच मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित सातम ने विपक्षी गठबंधन पर तीखा हमला बोला है. 60 से ज्यादा उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने पर उठे सवालों का जवाब देते हुए अमित साटम ने कहा कि विपक्ष को आत्ममंथन करना चाहिए.
उन्होंने कहा, “हमारा सीधा आरोप विपक्ष पर है. उन्हें जवाब देना चाहिए कि उनके उम्मीदवारों ने अपना नाम क्यों वापस लिया. सच तो यह है कि लोग पीएम मोदी और देवेंद्र फड़णवीस के काम से प्रभावित हैं, जिसके कारण विपक्ष के पास कोई आधार नहीं बचा है.”
साटम ने उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए इसे ‘विचारों की हत्या’ करार दिया. साटम ने कहा, “उद्धव ठाकरे ने अपनी खत्म होती राजनीति को बचाने के लिए बाला साहेब ठाकरे के विचारों को ‘श्रद्धांजलि’ दी है। आश्चर्य की बात यह है कि उनके भाई (राज ठाकरे) भी अब चुप हैं। जो लोग कभी सुख के नाम पर राजनीति करते थे, वे आज राजनीतिक तुष्टिकरण के लिए चुप बैठे हैं।”
मुसलमानों को लेकर दिए गए बयान पर पलटवार
मुसलमानों को लेकर असदुद्दीन ओवैसी और इम्तियाज जलील के बयानों पर पलटवार करते हुए साटम ने कहा, “हमने योजनाएं शुरू करते समय कभी जाति या धर्म नहीं देखा। ‘लाडली बहन योजना’ का लाभ महाराष्ट्र की हर बहन को मिल रहा है, चाहे वह किसी भी धर्म की हो, लेकिन अगर कोई देशहित के खिलाफ जाएगा या पाकिस्तान के नारे लगाएगा तो हम उसके खिलाफ मजबूती से लड़ेंगे।”
बांग्लादेशी खिलाड़ियों का विरोध
कांग्रेस नेता असलम शेख के बयान पर साटम ने कहा, “असलम शेख जैसे नेताओं से क्या उम्मीद की जा सकती है? ये वही लोग हैं जिन्होंने ‘मालवणी पैटर्न’ शुरू किया था – बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं को बाहर से लाना और उनके वोट लेना। उनकी सहानुभूति हमेशा उनके साथ रहेगी।” असलम शेख ने कहा था कि वह खिलाड़ियों को आने की इजाजत नहीं देंगे, लेकिन उन्होंने अपने पूर्व पीएम को दिल्ली में ही रोक रखा है.
नवाब मलिक पर दो टूक
महायुति में अजित पवार और नवाब मलिक के मुद्दे पर अमित साटम ने कहा, “नवाब मलिक पर हमारे आरोप गंभीर हैं. उन पर आतंकियों से सांठगांठ का आरोप है. बीजेपी उनके साथ किसी भी तरह का गठबंधन नहीं करेगी. हमारे लिए देश सबसे पहले है.”
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