
2026 में किस राशि पर रहेगा साढ़े साती का अशुभ प्रभाव?
शनि साढ़े साती 2026: ज्योतिष शास्त्र में शनि की साढ़ेसाती को जीवन की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है। यह समय व्यक्ति के धैर्य, कर्म और मानसिक शक्ति की परीक्षा का होता है। साल 2026 में एक राशि पर शनि की साढ़ेसाती का सबसे दर्दनाक दौर आने वाला है, जिससे करियर, सेहत और आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ सकता है। ऐसे में सतर्क रहना और सही निर्णय लेना बहुत जरूरी होगा।
शनि की साढ़ेसाती क्या है?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि की साढ़ेसाती तीन चरणों में पूरी होती है। यह अवधि तब बनती है जब शनि जन्म राशि से पहले, जन्म राशि में और जन्म राशि के बाद गोचर करता है। इनमें से दूसरा चरण सबसे कष्टकारी माना जाता है, क्योंकि शनि जिस राशि में गोचर करता है उस राशि का प्रभाव सबसे अधिक गहरा दिखाई देता है। इस दौरान शनि व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं।
मीन राशि वालों पर क्यों भारी पड़ेगा साल 2026?
वर्ष 2026 में मीन राशि वालों के लिए शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण सक्रिय रहेगा। यह साढ़ेसाती 29 अप्रैल 2022 से शुरू हुई, जबकि इसका दूसरा चरण 29 मार्च 2025 से शुरू होगा और 3 जून 2027 तक रहेगा। इस वजह से 2026 का पूरा साल मीन राशि के लिए चुनौतीपूर्ण रह सकता है। हालाँकि, शनि की साढ़ेसाती 8 अगस्त 2029 को पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी।
करियर और कामकाज में दिक्कतें बढ़ सकती हैं
इस अवधि में कार्यों में रुकावटें आ सकती हैं और मेहनत के अनुरूप परिणाम न मिलने से निराशा बढ़ सकती है। ऑफिस में वरिष्ठों से मतभेद, कार्यस्थल की राजनीति और मानसिक तनाव परेशानी का कारण बन सकता है। कुछ लोग नौकरी बदलने का मन बना सकते हैं, लेकिन जल्दबाजी में लिया गया फैसला नुकसानदेह साबित हो सकता है।
आर्थिक एवं स्वास्थ्य संबंधी संकेत
साढ़ेसाती के इस चरण में खर्चे बढ़ सकते हैं और आर्थिक दबाव महसूस हो सकता है। सेहत में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में जरूरी होगा कि बजट बनाकर रखें और स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतें।
साढ़ेसाती के दौरान बरतें ये सावधानियां
इस समय धैर्य और संयम बनाए रखना सबसे जरूरी है। क्रोध व आवेश में लिए गए निर्णय नुकसान पहुंचा सकते हैं। वाणी में कटुता से बचना चाहिए, क्योंकि गलत शब्द रिश्तों को खराब कर सकते हैं। ईमानदारी से काम करने और शॉर्टकट से दूर रहने से शनि के अशुभ प्रभाव को कम किया जा सकता है।
शनि की साढ़ेसाती के उपाय
- साढ़ेसाती के प्रभाव को कम करने के लिए हर शनिवार को ॐ शं शनैश्चराय नम: मंत्र का जाप करना लाभकारी माना जाता है।
- इसके साथ ही शनिदेव की पूजा करना, सरसों के तेल का दीपक जलाना और काले कपड़े का दान करना भी शुभ फल दे सकता है।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित है। इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सच्चाई का प्रमाण नहीं देता है।)
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